देस की आंधी
देस की आंधी !
आधा देश जान गया कि चली गई वो आंधी
तब तक मोदी डटा रहेगा जब तक सामने गांधी
महानता का परचम फहराते थे कभी केवल गांधी
अब भाजपा की सरकार ने वो ऊंची दीवार है फांदी।
जब सफलता मिलती है तो होती केवल चांदी
पर कुल्हाड़ी आप पैर पर चला गईं माता गांधी
पहले ही इतालवी मातृभाषा ने धूमिल पहचानदी
उसपर अंग्रेज़ी भाषा में तालीम लिए गांधी।
इनके पास बुद्धि है और नेता भी नेक है गांधी
भाग्य देवता रूष्ट हो गए पर उन्हें उनकी शानदी
पूर्वज तो सॉलिड हैं इनके देश सेवा में जानदी
भाजपा-मोदी ने कमरकस इनपे बंदूक तानदी
देश की असल समस्या के हल पर किसने ध्यान दी
सबने अपना स्वार्थ सिद्धा किसने इस ओर ध्यान दी
आती है तमीज़ तुमको गाने राष्ट्रीय गान दी
याद रखेगा मुल्क तुमने कानून छेड़ किन्हें कमान दी।
विदेश में चलेगी तुम्हारी तुमने दिखा जो शान दी
विदेशी शत्रुओं के युद्धों में तो हमने बेमन जान दी
बेमन उनके कोड़े खाए बेधन उन्हें लगान दी
और अब आए नए शासक थैंक यू राहुल गांधी।
कांग्रेस कांग्रेस करते हुए परवाह नहीं की स्थान दी
कांग्रेस कांग्रेस करते मुसीबतों में भी मदद नहीं आंदी
जब से होश संभाला मैंने जुल्म का कारण देखा गांधी
फिर गड्ढा खोद ही बैठा था तो उड़ाती लेजा रही आंधी।
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